मोहम्मद यूसुफ खान के आंदोलन को मिला शिवसेना का समर्थन
🚨 मुंब्रा में बड़ा आंदोलन: आरक्षित बाजार भूखंडों को लेकर दिव्यांग संगठनों का धरना, राजनीतिक समर्थन के बाद बढ़ा तनाव
मुंब्रा (ठाणे), 12 जून 2026
मुंब्रा क्षेत्र में सेक्टर-IX के आरक्षित बाजार भूखंडों को लेकर चल रहा विवाद अब बड़े आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। दिव्यांग और फेरीवाला संगठनों द्वारा कथित अतिक्रमण और पुनर्विकास को लेकर शुरू किए गए विरोध प्रदर्शन को अब राजनीतिक समर्थन मिलने के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया है।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
स्थानीय संगठनों का आरोप है कि सेक्टर-IX में आरक्षित बाजार भूखंडों पर अवैध निर्माण और कब्जे की स्थिति बनी हुई है, जिससे वास्तविक लाभार्थियों को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है।
इस मुद्दे को लेकर संबंधित संगठनों ने प्रशासन से कई बार कार्रवाई की मांग की है और अब आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी गई है।
प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी संगठनों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- आरक्षित बाजार भूखंडों से सभी कथित अवैध कब्जे हटाए जाएं
- भूमि को मूल योजना के अनुसार बाजार विकास के लिए उपयोग में लाया जाए
- स्थानीय फेरीवालों के पुनर्वास हेतु स्थायी व्यवस्था की जाए
- दिव्यांग व्यक्तियों के लिए 5% आरक्षण का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए
राजनीतिक समर्थन से बढ़ा मामला
हाल ही में इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलने के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। समर्थन देने वाले प्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयसीमा तक कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, 21 जून तक मांगें पूरी न होने पर 22 जून से मुंब्रा पुलिस स्टेशन के सामने बेमियादी धरना प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।
प्रशासन की स्थिति
फिलहाल ठाणे महानगरपालिका या स्थानीय प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर है।
निष्कर्ष
मुंब्रा में चल रहा यह विवाद अब केवल स्थानीय भूमि विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, पुनर्वास नीति और शहरी विकास से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

मुख्य संपादक : वल्लुरी डेव्हिड राव




